सेवा • धर्म • समर्पण
यह युक्ति किसी जाति, धर्म, सम्प्रदाय विशेष के लिए नही बल्कि संसार के प्रत्येक प्राणी के लिए उपयोगी है, क्योंकि दया ही धर्म का मूल है। प्रत्येक जीव की रक्षा करना प्रत्येक मानवता का कर्तव्य है।
फाउंडेशन का निर्माण सभी जीवों के कष्ट दूर करने हेतु किया गया है। सभी से विनम्र आग्रह है कि करुणाभाव रखते हुए पुण्य कार्यों में सहभागिता करें।
हमारी सेवाओं की पूरी जानकारी PDF में उपलब्ध है।